प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनियाभर में एक के बाद एक विभिन्न देशों से रिश्ते मजबूत करते जा रहे हैं। इसी कड़ी में जापान के पीएम भारत दौरे पर हैं और यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जापान से भारत को बुलेट ट्रेन का उपहार मिला है। वहीं, दोनों देशों ने कई ऐसे समझौते किए हैं जिनका दूरगामी असर होगा।
भारत और जापान की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान गुरुवार को दोनों देशों के बीच पंद्रह समझौते हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम शिंजो एबी की मौजूदगी में समझौतो पर दस्तखत किए गए। इसके बाद साझा बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के भारत में आगमन का श्रेय जापान को दिया और जापानी पीएम शिंजो एबी को अपना सबसे अच्छा मित्र बताया। वहीं जापानी पीएम ने भारत के डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के प्रति अपना समर्थन जताया। वहीं, जापानी शिंजो एबी ने सीमा पार आतंकी नेटवर्क को बंद करने की बात कहते हुए पाकिस्तान पर हमला बोला। उन्होंने 26/11 और पठानकोट हमलों के दोषियों को सजा देने की बात कही। इस मौके पर मोदी का कहना था कि भारत में जापान तीसरा सबसे बड़ा निवेशक बन चुका है। शिखर वार्ता से पहले मोदी और एबी ने गांधीनगर स्थित दांडी कुटीर संग्रहालय का दौरा किया। यह संग्रहालय महात्मा गांधी के जीवन को समर्पित है।
उधर, भारतीय रेलवे के इतिहास में 14 सितंबर का दिन खासा महत्वपूर्ण रहा। अहमदाबाद में पीएम नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो एबी ने बुलेट ट्रेन की नींव रखी। मोदी ने कहा कि बुलेट ट्रेन जापान की तरफ से भारत को बड़ी सौगात है। लेकिन इसे सिर्फ आर्थिक नजरिये से नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह दोनों देशों की मित्रता की भी पहचान है। उल्लेखनीय है कि चीन के आक्रामक तेवर को देखते हुए भारत और जापान के मध्य रक्षा सहयोग भी महत्वपूर्ण हो गया है। इस दिशा में भी दोनों देश बात कर रहे हैं। इसके अलावा पहली बार भारत, जापान और अमेरिका एक साथ समुद्री युद्धाभ्यास में शामिल हो रहे हैं।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति का नतीजा है कि चीन और पाकिस्तान से तनावपूर्ण रिश्तों के बाद भी अमेरिका, रूस और जापान जैसे बड़े देशों से मजबूत संबंध संतुलन स्थापित कर रहे हैं।

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